- बिहार के राज्य मंत्री रत्नेश कुमार पहुंचे महाकाल मंदिर: विधि-विधान से किए दर्शन-पूजन, मंदिर समिति ने किया सम्मान
- महाकाल मंदिर पहुंचे अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरि महाराज: देश-दुनिया में शांति के लिए की प्रार्थना, श्रद्धालुओं से की मुलाकात
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती: वीरभद्र को स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट, राजा स्वरूप में सजे बाबा!
- आज 12-12 घंटे का दिन-रात: उज्जैन की जीवाजी वेधशाला में वसंत संपात देखने पहुंचे छात्र-खगोलप्रेमी, आज से दिन होंगे लंबे
- 30 रोजों के बाद मनाई गई ईद: इंदिरा नगर ईदगाह में बड़ी संख्या में पहुंचे लोग, नमाज के बाद गले मिलकर बांटी खुशियां; पुलिस ने बढ़ाई सतर्कता
भस्म आरती में बाबा महाकाल का त्रिपुंड, त्रिनेत्र लगाकर किया श्रृंगार, मस्तक पर सजाया गया चंद्र
सार
विस्तार
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पर मंगलवार तड़के भस्म आरती के दौरान चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पण्डे पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन किया। भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से किया गया। प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट, मुंड माला धारण करवाई गई।
आज के श्रृंगार की विशेष बात यह रही कि द्वादशी की तिथि और मंगलवार के संयोग पर भस्मआरती में बाबा महाकाल का खास श्रृंगार किया गया, उनके शीष पर वैष्णव तिलक और चंद्रमा लगाया गया। इसके साथ ही त्रिपुंड और त्रिनेत्र भी लगाया गया। जिसे सभी श्रद्धालु देखते ही रह गए। महानिर्वाणी अखाड़े की और से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया। जिससे पूरा मंदिर परिसर मे जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया।